जोधपुर। आजीवन कारावास की सजा काट रहे संत आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनके अनुयायियों ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत देने की मांग उठाई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मांग को लेकर कुछ समय के लिए #RightToBail ट्रेंड करने लगा। अनुयायियों का कहना है कि अधिक उम्र और हृदय संबंधी गंभीर बीमारी को देखते हुए उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा और मानवीय आधार पर राहत मिलनी चाहिए।
स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अनुयायियों ने उठाई आवाज
आसाराम बापू के अनुयायियों के अनुसार, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सीय आधार पर राहत देने के मामले पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना आवश्यक है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
अनुयायी मेडिकल ग्राउंड और मानवीय आधार पर जमानत देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, जमानत दिए जाने का निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा मामले के तथ्यों, चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर किया जाता है।
एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए दावा किया कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान उज्जैन से जोधपुर तक की लंबी सड़क यात्रा से बचने के लिए साधकों ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की थी। पोस्ट में इंदौर और जोधपुर में आवश्यक अनुमति मिलने में देरी होने का आरोप भी लगाया गया।यूजर ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए #RightToBail हैशटैग का इस्तेमाल किया और पूछा कि गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए की गई व्यवस्था में देरी होने पर जवाबदेही किसकी है
करुणा और न्याय एक-दूसरे के विरोधी नहीं'
एक अन्य यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि करुणा और न्याय एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक स्वस्थ न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। पोस्ट में आसाराम बापू की कथित गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उचित चिकित्सा और मानवीय राहत पर विचार करने की मांग की गई।पोस्ट में मानवाधिकारों और गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में मरीज को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया गया। इसके साथ ही #JusticeForBapuji हैशटैग का भी इस्तेमाल किया गया।
'जमानत का अधिकार' बताकर की जा रही राहत की मांग
सोशल मीडिया पर 'जनता की आवाज' नामक पेज से साझा की गई पोस्ट में #RightToBail को बुनियादी मानवाधिकारों से जोड़ते हुए आसाराम बापू के लिए चिकित्सीय आधार पर राहत की मांग की गई। पोस्ट में कहा गया कि अधिक उम्र और हृदय संबंधी बीमारी के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही, मेडिकल ग्राउंड पर राहत के मामले में अनावश्यक देरी नहीं किए जाने की अपील की गई।
जेल प्रशासन की भूमिका पर भी उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर आसाराम बापू के कुछ अनुयायियों ने जोधपुर जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कुछ पोस्ट में जेल अधीक्षक के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए मानवीय अधिकारों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। हालांकि, जेल प्रशासन द्वारा किसी नियम या अधिकार का उल्लंघन किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की मांग ने पकड़ा जोर
आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर जारी अभियान के जरिए उनके अनुयायी मेडिकल ग्राउंड पर जमानत और उचित चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों पर